डायमंड डिपॉजिट
डायमंड सब्सक्राइब
साइन अप, Inc
पैसे
💢डाउनलोड कूपन💢रांची में कांस्य पदक प्राप्त करतीं तीरंदाज वसुधा गुप्ता। स्रोत: स्वयं- फोटो : 1
️विन स्टूडेंट,वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:51 AM IST
विज़िट सर्वे, सारहरियाणा के खान एवं भूविज्ञान और विकास एवं पंचायती राज मंत्री कृष्णलाल पंवार ने चंडीगढ़ में आयोजित पत्रकारवार्ता में कई बिंदुओं पर जानकारी दी। खान एवं भूविज्ञान मंत्री पंवार ने बताया कि अवैध खनन की निगरानी की सबसे अधिक आवश्यकता दूसरे राज्यों के पास है।
विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बुरहानपुर में चार दिन पहले शनिवार से शुरू हुए डायरिया के प्रकोप में अब तक जहां दो मौतें हो चुकी हैं, तो वहीं 200 से अधिक प्रभावित अब तक इलाज कराने सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंचे हैं। यहां की एमार्गिद पंचायत के आजाद नगर और काला बाग क्षेत्र के साथ ही सिंधीपुरा, आलमगंज और लोहारमंडी क्षेत्र में डायरिया का सबसे अधिक असर देखने को मिला है, जिसका कारण इस क्षेत्र में पीने के गंदे पानी की सप्लाई होना बताया जा रहा है।
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादूनPublished by:अलका त्यागीUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:30 AM IST
सुपर ऑफर, सारपंजाबी मूल के गैंगस्टर की कनाडा में हत्या हुई है। गैंगस्टर नवप्रीत सिंह धालीवाल को घर में घुसकर अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भून दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मेगा फ्री भागलपुर में लगातार बढ़ते अतिक्रमण और उससे उत्पन्न हो रही गंभीर यातायात समस्या को लेकर जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और आम लोगों को जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से गुरुवार को लोहिया पुल से लेकर ततारपुर चौक तक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और सड़क किनारे अवैध रूप से दुकानें लगाने वाले दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।
सारसीएम विष्णुदेव साय ने 40 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजना के स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास कार्य को लेकर काम किया जा रहा है।
विशेष शेयर, सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।







