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️अतिरिक्त विन,औरैया। मार्च में क्षय रोग दिवस पर जिले को टीबी मुक्त बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें गांवों को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारी है। इसे देखते हुए जिले में बलगम की जांच में तेजी लाई गई है। एक माह में तीन हजार लोगों की जांच कराई गई है।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
गेट विथड्रॉ, सारAjmer News: अजमेर दरगाह में ख्वाजा गरीब नवाज के 814वें उर्स पर सालाना संदल की रस्म अकीदत के साथ अदा हुई। देशभर से पहुंचे जायरीन ने दुआएं मांगीं। दरगाह परिसर रूहानियत, आस्था और भाईचारे के रंग में रंगा रहा।
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:53 PM IST
औरैया। शहर में जलभराव की समस्या बारिश के साथ ही अन्य दिनों में भी देखी जाती है। इसके लिए पालिका की ओर से शहर में बड़े पैमाने पर नालों का निर्माण किया जा रहा है। पालिका 70 लाख के बजट से इन नालों का जाल बिछा रही है। फरवरी माह में यह तैयार भी हो जाएंगे।
ऐप विन, विस्तारFollow Usआतंकी डॉ. आदिल अहमद की गिरफ्तारी के बाद कुछ संदिग्ध खुफिया एजेंसियों की रडार पर हैं। वर्ष 2017 से अब तक सहारनपुर को पांच बार उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। आखिरी बार 26 अक्तूबर 2023 में धमकी मिली थी। इससे पहले वर्ष 2017 व 2022 में एक-एक बार और 2018 में दो बार धमकी भरे पत्र मिले थे। आतंकी संगठन लश्कर-ए तैयबा का जिक्र किया गया था।
इंस्टेंट रजबपुर। जिले में लगातार तेंदुए की दहशत बनी हुई है। खेत में गन्ना छीलते समय दो शावकों के साथ तेंदुए को देखा तो किसान और मजदूर के होश उड़ गए। उन्होंने वहां से भाग कर जान बचाई। शोर मचाने पर खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। तभी तेंदुए शावकों के साथ गन्ने के खेत में छिप गया। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग के अधिकारियों से पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़वाने की मांग की है।
बाराबंकी। शनिवार को जिला अस्पताल में मौसम में आए बदलाव का सीधा असर देखने को मिला। अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। अस्पताल में मरीजों की इतनी भीड़ थी कि उन्हें इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। कई मरीज तो लंबी प्रतीक्षा के बाद भी बिना इलाज के ही लौट गए।
मासिक विथड्रॉ, बड़ेगांव रेलवे क्रॉसिंग (फाइल फोटो)- फोटो : amar ujala







