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💢ऑनलाइन💢बहेड़ी। साइबर ठग ने मरीज का नंबर लगाने के नाम पर एक युवक के खाते से 1.86 लाख रुपये उड़ा दिए। युवक ने मामले की शिकायत साइबर पोर्टल पर करने के बाद सोमवार को ठगी की शिकायत थाने में दर्ज कराई है। ग्राम मूसापुर उर्फ घटगांव निवासी सोमपाल ने पुलिस को बताया कि आठ जनवरी को उसके पास अंजान कॉल आई, जिसमें आरोपी ने कहा कि वह उनको एक फाइल भेज रहा है। इस पर आप अपने मरीज का नाम लिखकर भेज दो, जिससे वह मरीज का नंबर अस्पताल में लगवा देंगे। इसके बाद उन्होंने उस फाइल पर मरीज का नाम लिखकर भेज दिया। युवक का कहना है कि इसके बाद उसका फोन हैक हो गया। साइबर ठग ने बैंक खाते से रुपये निकाल लिए। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। संवाद
️इंस्टेंट ईज़ी,विस्तारFollow Usप्रतापगढ़ के चौक बाजार निवासी कपड़ा व्यापारी व तांत्रिक विजय सिंह की हत्या का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। तंत्र साधना से लाभ न होने, आर्थिक नुकसान और लगातार धन मांग से नाराज होकर सात जनवरी की रात वारदात को अंजाम दिया गया था। जायस के छोटा गोरियाना कस्बा निवासी राजन सोनकर ने तीन साथियों के साथ मिलकर पहले विजय पर वार कर बेहोश किया। बाद में तीन साथियों ने हाथ पैर पकड़ और उसने सिर को धड़ से अलग कर दिया।
सारअरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु जिस तरफ से आएंगे, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। 2024 में मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था।
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बलरामपुर। बांसी-इटवा-बेलहा मार्ग को चौड़ा करने के लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। करीब 30.82 किलोमीटर लंबी इस सड़क को चौड़ा करनेपर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क की वर्तमान चौड़ाई सात मीटर है, इसे 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा।
कमाई कैश, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
गेट कम्पलीट सुखपुरा कस्बा स्थित बुढ़वा शिव मंदिर में हुई चोरी की पर्दाफाश न होने के विरोध व्यापारियों द्व
फ्रेंड्स, राजस्थान प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बालोतरा जिले के गिड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामने आ रहे हालात इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यहां नियमों को ताक पर रखकर मरीजों को सरकारी दवाइयों के बजाय निजी मेडिकल से बाहरी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा खेल कुछ चिकित्सकों और निजी मेडिकल संचालकों की आपसी मिलीभगत से संचालित हो रहा है।







