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💢क्लिक विन💢संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:30 PM IST

️वीडियो क्लिक,विधायक जीतराम कटवाल ने युवाओं को दिया प्रेरणा मंत्र

😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त

दैनिक डिस्काउंट, बैतूल जिले के गंज थाना क्षेत्र से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। 17 वर्षीय नाबालिग पर किए गए गंभीर हमले के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हमले में रॉड, फावड़ा, पत्थर और लाठियों का इस्तेमाल किया गया था। मृतक ने अस्पताल में दम तोड़ने से पहले पुलिस को बयान दिया था।

जिले के उसूर थाना क्षेत्र के कर्रेगुट्टा हिल्स के डोलीगुट्टा चोटी एरिया में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों का एक बड़ा अवैध डंप उजागर किया गया है। सुरक्षाबलों ने जमीन खोदकर छुपाए गए हथियार मरम्मत उपकरण, बीजीएल निर्माण सामग्री एवं विस्फोटक सामग्री बरामद की है।

झोझू कलां। मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन मकर राशि में सूर्य का आना बड़ा शुभ होता है और धनु राशि की मंद गति को छोड़कर सूर्य दोबारा अपनी सामान्य गति में प्रवेश करता है। शास्त्रों में इसे उत्तरायण का नाम भी दिया जाता है। आचार्य डॉ. मनोज शास्त्री बलाली ने बताया कि इस बार संयोग से इस दिन एकादशी भी है और मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान किया जाता है। ऐसे में एकादशी होने के कारण इस दिन खिचड़ी दान करने को लेकर संशय की स्थिति बन जाती है। शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार तिल का दान श्रेष्ठ है। ऐसे में मकर संक्रांति पर तिल व इससे बने हुए लड्डू, रेवड़ी, मूंगफली या कोई भी ऋतु अनुसार फल का दान कर सकते हैं।

टनकपुर के उप जिला अस्पताल का जायजा लेते सीडीओ डॉ. जीएस खाती। स्रोत: सूचना

ईज़ी डिपॉजिट, विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।

रिवॉर्ड्स कमेंट सुन्हाणी में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में दमखत दिखाती खिलाड़ी। स्रोत: आयोजक

T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar News

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