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💢वीडियो फ्रेंड्स💢विस्तारFollow Usराजनांदगांव जिले के छुरिया क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक नौ वर्षीय मासूम की ट्रैक्टर से गिरने के बाद पहिए के नीचे आने से मौत हो गई। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक ने शव को छुपाने के लिए उसे खाद के गड्ढे में दफना दिया। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस की जांच में इस सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है और शव को बरामद कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
️कलेक्ट,भोपाल में आधुनिक स्लॉटर हाउस से जुड़े गौ-मांस मामले ने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस की गाड़ी में मिले मांस की जांच में गौ-मांस की पुष्टि होने के बाद नगर निगम ने स्लॉटर हाउस को सील कर दिया है। इसके साथ ही शहर सरकार विपक्ष के तीखे हमलों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस ने इसे गो-रक्षा के नाम पर भाजपा सरकार के दोहरे चरित्र का सबूत बताया है, जबकि सत्ता पक्ष सख्त कार्रवाई के दावे कर रहा है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:39 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:12 PM IST
विन गेम, छत्तीसगढ़ में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक बदलाव हुआ हैं। उप मुख्यमंत्री और पीएचई मंत्री के निर्देश पर विभाग में वरिष्ठ स्तर पर 34 अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। इसके साथ ही मैदानी स्तर पर काम को रफ्तार देने के लिए 26 अभियंताओं को पदोन्नति दी गई है।
प्लेटिनम रजिस्टर अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।Published by:अमन विश्वकर्माUpdated Fri, 09 Jan 2026 08:45 PM IST
ईज़ी, चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।







