सब्सक्राइब इनाम
बोनस डाउनलोड
कमाई शेयर, Inc
वेरिफाई रजिस्टर
💢शेयर पैसे💢विस्तारFollow Usबारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने 15 हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की है। यहां भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले हैं। जानकारों का कहना है कि अंता चुनाव में भाजपा ने अपने प्रमुख नेताओें को प्रचार के लिए उतारा था। इसमें वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल दोनों के नाम शामिल थे। दोनों ने यहां प्रचार किया था। इसके बाद भी भाजपा को यहां जीत नहीं मिली है। अंता विधानसभा सीट झालावाड़ लोकसभा में आती है जहां से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह सांसद हैं। इसके बाद भी भाजपा पीछे रही। ये माना जा रहा है कि नरेश मीणा के यहां से उतरने की वजह से चुनाव त्रिकोणीय हो गया। इसका सीधा नुकसान भाजपा को हुआ है। अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने जीत दर्ज कर ली। प्रमोद को 69462 वोट मिले। वहीं भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले। इसके साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को 53740 वोट मिले।
️कलेक्ट,Rajasthan Weather Update: राजस्थान में घना कोहरा और शीतलहर का कहर जारी है। 20 जिलों में कक्षा 8 तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जयपुर में विजिबिलिटी शून्य और सर्दी तेज हुई है। रिपोर्ट में जानिए मौसम का पूरा हाल...
विस्तारFollow Usप्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी श्रावण माह के आखिरी सोमवार चार अगस्त को बाबा बैजनाथ महादेव की शाही सवारी नगर में धूमधाम से निकाली जाएगी। इस सवारी में बडी संख्या में श्रद्धालुजन सम्मिलित होंगे। शाही सवारी के इंतजाम और आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर पहुंच मार्गों की व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। यह व्यवस्था सोमवार की देर रात तक इसी तरह से जारी रहेगी।
लाइक विन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में रोजगार देने की मांग को लेकर कांग्रेस की ओर से नौ दिन से धरना दिया जा रहा है। नौवें दिन मंगलवार को महिलाओं ने रोजगार देने की मांग कर जबरन कलेक्ट्री में घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस से झूमा-झटकी भी हुई।
पॉइंट्स कैश, मुसाफिरखाना तहसील परिसर में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत : स्थानीय नागरिक
रिवॉर्ड्स शिवसेना की स्थापना बालासाहेब ठाकरे ने की थी और समय के साथ यह पार्टी महाराष्ट्र की राजनीति की एक प्रमुख शक्ति बनी। आज यह पार्टी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एक ऐसे दौर से गुजर रही है जिसे कई लोग निर्णायक मानते हैं। हाल के वर्षों में उद्धव ठाकरे के राजनीतिक फैसलों को अलग-अलग नजरिए से देखा गया है और इन पर व्यापक चर्चा होती रही है।
वेरिफाई विन, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त







