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️कमेंट वॉच,छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 9 जनवरी से 13 जनवरी तक आयोजित होने वाली नेशनल जंबूरी को लेकर राज्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने प्रमुख जानकारी दी। उन्होंने टेंडर घोटाले के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सभी दस्तावेज स्पष्ट हैं और जेम पोर्टल पर सारी जानकारी उपलब्ध है। परिषद के अध्यक्ष के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव परिषद के अध्यक्ष हैं, जिसके संबंध में पत्र भी जारी किया जा चुका है। बृजमोहन अग्रवाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि कार्य उनके मार्गदर्शन में हो रहा है और सभी बातें स्पष्ट हैं।
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सारबालाघाट में नक्सलवाद को बड़ी सफलता मिली है। जिले के अंतिम दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ मंगल उइके और रोहित ने सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों पर कुल 43 लाख का इनाम था। लगातार सर्चिंग, ड्रोन सर्विलांस और सप्लाई लाइन तोड़ने से नेटवर्क कमजोर हुआ और अब बालाघाट पूरी तरह माओवादी मुक्त हो गया है।
भानपुर। किसान समस्याओं को लेकर भाकियू लोक शक्ति गुट ने सोमवार को रामनगर ब्लाॅक परिसर में पंचायत की। अध्यक्षता ब्लाॅक अध्यक्ष मौलाना हासिम अली ने की। किसानों ने रामनगर ब्लाॅक में पशु शेड वितरण में पात्र किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाय। किसानों ने पशु शेड योजना का लाभ पाने वाले लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की। बीडीओ राजेश सिंह को ज्ञापन सौंपकर पशु शेड पाने वाले किसानों की सूची जारी करने की मांग की। इस मौके पर उदयराज वरुण, सफायत अली, रामहित, राजबली मौर्य, मुन्नीलाल, कोदई, वंशराज सहित अन्य किसान मौजूद रहे। संवाद
ऑफर, विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
विन डाउनलोड आगरा। ताजमहल में शाहजहां का उर्स 15, 16 और 17 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। सोमवार को उर्स की तैयारियों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), सीआईएसफ, ताज सुरक्षा पुलिस और उर्स कमेटी के बीच बैठक में जायरीनों के प्रवेश, चादरपोशी और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा हुई। इसमें तय हुआ कि 36 इंच से बड़े ढोल ताज में प्रवेश नहीं करेंगे और दक्षिणी गेट केवल निकास के लिए खोला जाएगा।
रजिस्टर, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबादPublished by:धीरेन्द्र सिंहUpdated Tue, 13 Jan 2026 08:46 AM IST







