लॉग इन वेरिफाई
प्लेटिनम इनवाइट
पैसे, Inc
अल्ट्रा रिसीव
💢वीआईपी अर्न💢सारदक्षिण बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर एक सघन तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान मुठभेड़ हो गई। सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।
️क्लिक,
विस्तारFollow Usअब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।
मेगा ऑफर, सारमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट–2026 में कहा कि युवा और नवाचार राज्य के विकास की नींव हैं। उन्होंने स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के लिए करोड़ों रुपये की राशि वितरित की और सफल उद्यमियों को सम्मानित किया।
भिंड में एसडीएम के वाहन को रेत माफिया ने टक्कर मार दी- फोटो : सोशल मीडिया
भरतपुर के चिकसाना थाना क्षेत्र स्थित न्यू पुष्प वाटिका कॉलोनी में रात के समय एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। रिटायर्ड डिप्टी जेलर सुरजीत सिंह के घर चोरों ने धावा बोलते हुए सोना, चांदी और कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना के समय परिवार के सदस्य पास ही पड़ोसी के घर एक कार्यक्रम में शामिल थे।
मासिक शेयर, विस्तारFollow Usगुरुवार को जिला मुख्यालय बीजापुर के हृदय स्थल जय स्तंभ में बस्तर के दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार मुकेश चंद्राकर को पत्रकारों एवं जनप्रतिनिधियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
प्रीमियम विथड्रॉ
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
अर्न, T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्ड







