सिल्वर इनवाइट
टास्क वॉच
पुराना लाइक, Inc
इनाम डिपॉजिट
💢इंस्टेंट कैश💢अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:53 PM IST
️ऐप,चंबा। लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व को लेकर शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। दुकानों में मूंगफली, गजक, रेवड़ी, चिड़वे और पॉपकॉर्न की मांग काफी बढ़ गई है। नए साल के पहले बड़े पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पर्व नजदीक आते ही लोग खरीदारी के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
कम्पलीट अर्न, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
इस्लामनगर थाने पर आरोपी व बरामद शराब व अभियुक्त। स्रोत-पुलिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांकाPublished by:भागलपुर ब्यूरोUpdated Sat, 03 Jan 2026 09:40 PM IST
विन कलेक्ट, भिंड में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह विवाद थाने पहुंच गया है। घटना के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत सीनियर अधिकारियों के पास भेज दी है। आगे की कार्रवाई उनके निर्देश पर की जाएगी। सिटी कोतवाली थाने में दी गई शिकायत में कलेक्टर श्रीवास्तव ने विधायक पर फोन छीनने, अपशब्द कहने समेत कई आरोप लगाए हैं। वहीं, विधायक की ओर से दिए गए आवेदन में उंगली दिखाकर धमकाने और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया है।
मेगा रजिस्टर संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:36 PM IST
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के नावरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाकड़ी वन चौकी में तैनात विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के एक हवलदार की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 58 वर्षीय हवलदार कैलाश धुर्वे के रूप में हुई है, जिनकी चार दिन पहले ही छिंदवाड़ा से यहां पदस्थापना हुई थी।
रजिस्टर ऑफर, विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ की जनजातीय पहचान, लोक संस्कृति और परंपराओं का सबसे बड़ा उत्सव 'बस्तर पंडुम' इस वर्ष 10 जनवरी 2026 से पूरे उत्साह और गरिमा के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन बस्तर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, रहन-सहन, लोककला, पारंपरिक खान-पान, वेशभूषा, गीत-संगीत और नृत्य परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अनूठा प्रयास है।







