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️गोल्ड रिवॉर्ड्स,चरखी दादरी। जिले के कस्बा झोझू कलां में विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए कवायद तेज हो गई है। लंबे समय से क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की मांग उठती रही है और अब इसे लेकर ठोस प्रयास शुरू हो चुके हैं। शिक्षा एवं जनकल्याण समिति झोझू कलां की ओर से विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए शिक्षा विभाग के निदेशक के पास औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। यदि सभी मापदंडों पर खरा उतरा गया तो झोझू कलां जल्द ही दादरी जिले का प्रमुख शिक्षा केंद्र बन सकता है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Fri, 31 Oct 2025 08:21 AM IST
कलेक्ट बोनस, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 17 Nov 2025 09:59 PM IST
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन निश्चय” के तहत रायपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना खमतराई पुलिस ने अवैध रूप से बिक्री के लिए रखे गए गांजा के साथ एक अंतरराज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से गया, बिहार का निवासी बताया गया है।
पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिख रहा है। मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड की धार और तेज कर दी है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां दिन की धूप भी राहत नहीं दे पा रही और रातें कंपकंपाने को मजबूर कर रही हैं। सोमवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं का मेल लोगों के लिए दोहरी मार बन गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक इसी तरह की सख्त ठंड बनी रहेगी, जबकि भोपाल और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में स्थित होने के कारण ग्वालियर-चंबल में ठंड का असर ज्यादा तीखा है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया में दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.5, दतिया में 20.1 और श्योपुर में 21.4 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन रात की ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
कूपन कमेंट, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:43 PM IST
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बीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।
सब्सक्राइब साइन अप, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:36 AM IST







