टास्क
कूपन
डायमंड मोबाइल, Inc
अल्ट्रा स्टूडेंट
💢पैसे सब्सक्राइब💢विस्तारFollow Usअंबाला के दलीपगढ़ के रहने वाले रेलवे टेक्नीशियन दीपक कुमार की हत्या रेलवे कर्मी दोस्त रवि कांबोज निवासी समालखा पानीपत ने रुपये के लेनदेन में की। दीपक ने छोटे भाई संदीप की नौकरी के लिए रवि को तीन साल पहले 30 लाख रुपये दिए थे। रुपये मांगने पर चाकू से गला रेतकर हत्या की और शव किशनपुर बराल में नहर में फेंक दिया।
️बड़ा वीडियो,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
सारपाकिस्तानी युवक से शादी कर इस्लाम अपनाने वाली भारतीय महिला सरबजीत कौर को लाहौर के शेल्टर होम में रखा गया है। हालांकि अभी सरबजीत कौर के भारत वापसी टल गई है।
अतिरिक्त सर्वे, सेंधवा ब्लॉक के मोरदड़ और चिखली गांवों में रविवार दोपहर पागल कुत्ते ने 12 लोगों को काटकर घायल कर दिया। महिलाओं और बच्चों पर भी हमला हुआ। ग्रामीणों ने चिखली में कुत्ते को मार डाला। कई घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Wed, 05 Nov 2025 10:47 PM IST
बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मुख्य परीक्षाओं से पूर्व विद्यार्थियों की तैयारी को परखने के लिए सोमवार से जिलेभर में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गईं। पहले दिन की परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह और थोड़ा तनाव दोनों देखने को मिला।
विशेष अर्न,
मेगा इनाम कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवरPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Wed, 24 Dec 2025 03:10 PM IST
गोल्ड मोबाइल, अमरोहा। वो सात थे और चाचा (राशिद) अकेले...बाइक से कार छू जाने भर के बदले सातों ऐसे टूटे कि देखते-देखते राशिद बेसुध होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें बचाने की कोशिशें कामयाब न होती देख चाची (रुखसार) उनके आगे हाथ जोड़कर मिन्नतें करने लगीं, मासूम बच्चे गिड़गिड़ाते रहे मगर बेरहम हमलावरों को न बच्चों पर तरस आया और न रुखसार की रुलाई उन्हें पिघला सकी। राशिद को गिरा-गिरा कर तब तक लात-घूंसे बरसाए, जब तक वह दम तोड़ने की नौबत तक नहीं पहुंच गए।







