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💢मासिक कलेक्ट💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 21 Oct 2025 05:09 PM IST
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चरखी दादरी। मनरेगा कोई दया या सरकारी योजना नहीं बल्कि गरीब, वंचित, पीड़ित और असहाय वर्ग के लोगों के लिए रोजगार का सांविधानिक अधिकार है। यह कानून कांग्रेस की ओर से लाया गया था ताकि ग्रामीण भारत के करोड़ों परिवारों को सम्मान के साथ काम और जीवनयापन का साधन मिल सके। यह बात अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और हरियाणा के सहप्रभारी अधिवक्ता जितेंद्र बघेल ने शनिवार को दादरी में कही। वे एआईसीसी के आह्वान पर चल रहे मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
बोनस, संवाद न्यूज एजेंसी, चुराह (चंबा)।Published by:Krishan SinghUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:27 AM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 10 Jan 2026 02:55 PM IST
मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से मंगलवार को कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। इंदौर में 9 घंटे में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरा। जबकि रायसेन और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। बैतूल, गुना, ग्वालियर, खरगोन, पचमढ़ी, उज्जैन, दमोह, मंडला, सिवनी में भी बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी शाम को तेज बारिश का दौर शुरू हो गया।
विस्तारFollow Usबुरहानपुर जिले में हुई महिला की जघन्य हत्या के बाद गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हिंदू संगठनों ने शहर बंद रखा और हत्यारे को कड़ी सजा देने की मांग की। गुरुवार देर शाम जिले के प्रभारी और प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस और नेपानगर विधायक मंजू दादू सहित प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। मंत्री सिलावट ने परिवार को सांत्वना देते हुए प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है, आरोपी को ऐसी सजा दी जाएगी कि भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से मृतका के बच्चों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत करने की जानकारी भी दी।
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विस्तारFollow Usसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।
सब्सक्राइब, चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:59 AM IST







