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️साइन अप,सारमास्टरमाइंड मोहसीन खान को गिरफ्तार किया गया, जो 2011 से VPN की मदद से आधार मशीन की लोकेशन छिपाकर अवैध रूप से अपडेशन कर रहा था। वह अधिकृत ऑपरेटरों के फर्जी बायोमेट्रिक बनाकर सिस्टम तक पहुंच हासिल करता था।
सारभाटापारा के अर्जुनी में शराब दुकान पर तय सीमा से अधिक बिक्री का मामला पकड़ा गया। पुलिस ने सेल्समैन को गिरफ्तार कर जांच शुरू की है।
कमाई अर्न, अमर उजाला नेटवर्क, बहराइचPublished by:शाहरुख खानUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:50 PM IST
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
सारसरगुजा जिले के अंबिकापुर में मणिपुर थाना क्षेत्र के हर्राटिकरा इलाके में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई जा रही कार अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसके परिणामस्वरूप कार सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
शेयर सब्सक्राइब, संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:51 PM IST
वेरिफाई सारBanswara Crime: बांसवाड़ा में साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट किया और बम ब्लास्ट व मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर 78 लाख रुपये ठग लिए। मामला सामने आने पर पीड़ितों ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
विस्तारFollow Usअंबिकापुर के अधिवक्ता नीरज वर्मा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के सामने एक कंप्लेंट केस फाइल किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महावीर हॉस्पिटल में गत दिनों उनकी बेटी कु. आंचल वर्मा को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था,उसे टाइफाइड और डेंगू का पता चला था और क्योंकि प्लेटलेट काउंट कम हो रहा था, इसलिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ज़रूरत थी और इसलिए, दो यूनिट ब्लड की ज़रूरत थी। इलाज के दौरान अस्पताल के संचालक डाक्टर सुधांशु किरण और अधिवक्ता नीरज वर्मा के बीच कुछ कहासुनी हुई। नीरज वर्मा का आरोप था कि उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया और सभी सुविधाएं होने के बाद भी मरीज़ का इलाज करने से मना किया गया था।चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट,अंबिकापुर के आदेश पर गांधी नगर पुलिस ने अस्पताल संचालक पर एफ आई आर दर्ज किया था।
रिसीव, अमानीगंज। कहीं बोरे की कमी तो कहीं खरीदे गए धान का उठान नहीं होने से धान खरीद की रफ्तार सुस्त हो चुकी है। परेशान किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगाने को मजबूर है। धीमी खरीद का सीधा फायदा आढ़तियों और खुदरा व्यापारियों को पहुंच रहा है। वह किसानों से औने-पौने दामों पर खरीद कर क्रय केंद्रों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।







