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️मेगा गेम,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Fri, 26 Dec 2025 01:59 PM IST
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कानपुर। गोविंदनगर थाना क्षेत्र के गुजैनी सी ब्लॉक में ब्रजेश कुमार यादव (45) शनिवार दोपहर बिस्तर पर मृत मिले। वह कन्नौज के छिबरामऊ में बिजली विभाग में बाबू के पद पर तैनात थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मूलरूप से बनारस के मुगलसराय के रहने वाले ब्रजेश के परिवार में पत्नी गायत्री, बेटी रिमझिम, बेटा युवान, मां गायत्री व छोटा भाई अभिषेक हैं। पिता जगदीश का बीते साल सितंबर में देहांत हो गया था। अभिषेक ने बताया कि ब्रजेश शुक्रवार को कार से गुजैनी आए थे। देर रात खाना खाने के बाद कमरे में सोने चले गए। शनिवार की सुबह वह कमरे में मृत मिले। गोविंदनगर इंस्पेक्टर रीकेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित किया गया है। प्रथम दृष्टया हार्टअटैक से मृत्यु की आशंका जताई जा रही है। संवाद
पश्चिमी विक्षोम और सर्द हवाओं के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले में दो दिनों से मौसम साफ है। शनिवार को धूप खिलने के बाद लोगों ने चैन की सांस ली। धूप होने के बाद अधिकतम पारे में 3.7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
कमेंट फ्री, राजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:भोपाल ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:11 PM IST
मासिक कम्पलीट, महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव में इन दिनों बागेश्वर महाराज श्रीराम कथा के माध्यम से भक्तों को भक्ति-रस का पान करा रहे हैं। कथा के द्वितीय दिवस उन्होंने समाज को झकझोर देने वाले विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। बागेश्वर महाराज ने स्पष्ट किया कि कथाओं से जो धन प्राप्त होता है, उससे मंदिर नहीं बल्कि अस्पताल बनाए जाते हैं। हम सेवा वाला बाबा भी बनना चाहते हैं। अस्पताल इसलिए बनवाते हैं, ताकि किसी भी गरीब को इलाज के नाम पर धर्मांतरण के लिए मजबूर न किया जाए। महाराज ने आह्वान करते हुए कहा कि हम तुम्हारे लिए किडनी तक बेच देंगे, लेकिन तुम धर्मांतरण मत करो।







