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बागेश्वर। जिले में बढ़ रही कड़ाके की ठंड ने जनजीवन के साथ-साथ सेहत पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को जब जिला अस्पताल खुला, तो मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल की ओपीडी का आंकड़ा 600 के पार पहुंच गया। जिसमें 540 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया।
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सोमवार की शाम करीब पांच बजे गांव जवार में ताश खेलने को लेकर दो युवकों के बीच शुरू हुआ विवाद दो समुदायों के लोगों के बीच झगड़े में बदल गया। दोनों ओर से मारपीट के साथ ईंट-पत्थर चले, इसमें सात लोग घायल हुए हैं। मामले में पुलिस ने करीब 12 लोगों को हिरासत में लिया है। घायलों को अस्पताल भेजने के साथ गांव में पुलिस पिकेट लगाई गई है।
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स्टूडेंट,
डिपॉजिट अर्न पैलानी थाना क्षेत्र के खपटिहाकला गांव में केन नदी में नहाने के दौरान पैर फिसलने से युवक की डूबकर मौत हो गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय मनोज निवासी बरेहटा के फकीरा डेरा के रूप में हुई है। यह घटना उस समय हुई जब मनोज लगभग 10 माह बाद मजदूरी के लिए कर्नाटक के हुबली से अपने गांव लौट रहा था।
विस्तारFollow UsIMD: राजस्थान में बारिश के बाद ठंड ने अचानक तेवर बदल लिए हैं। सीकर, हनुमानगढ़ सहित 10 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा और सर्द हवाओं के चलते दिन में भी कड़ाके की ठंड महसूस की गई।
सुपर शेयर, 1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।







