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💢प्लेटिनम सब्सक्राइब💢गोरखपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:36 AM IST
️बड़ा ईज़ी,विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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रजिस्टर साइन अप, अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा/बलौदाबाजारPublished by:विजय पुंडीरUpdated Sun, 21 Dec 2025 09:52 AM IST
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1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
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छोटा विथड्रॉ
सारअंबिकापुर के अधिवक्ता नीरज वर्मा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के सामने एक कंप्लेंट केस फाइल किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महावीर हॉस्पिटल में गत दिनों उनकी बेटी कु. आंचल वर्मा को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
कम्पलीट, प्रदेश के वागड़ क्षेत्र में अनेक प्राचीन स्थल हैं, जो श्रद्धा, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है मानगढ़ धाम, जिसे आदिवासी समाज अपनी आस्था और शौर्य का पावन प्रतीक मानता है। यह स्थान केवल धार्मिक भावना से ही नहीं, बल्कि आदिवासियों की अमर शहादत की स्मृतियों से भी भरा हुआ है।







