बोनस लॉग इन
पुराना वॉच
कैश, Inc
साइन अप
💢मेगा फ्री💢कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️दैनिक कमाई,अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:36 AM IST
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर- फोटो : अमर उजाला
प्लेटिनम कूपन,
सारबालाघाट में ‘नो हेलमेट-नो राइड’ अभियान के दौरान एसपी आदित्य मिश्रा और पूर्व विधायक उमाशंकर मुंजारे आमने-सामने आ गए। बिना हेलमेट बाइक चलाने पर एसपी ने 2300 रुपये का चालान काटा, जिसके बाद दोनों के बीच बहस हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
'आजादी के आंदोलन में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा। प्रकृति की पूजा करने वाले आदिवासियों के कारण ही जल, जंगल और जमीन के साथ ही संस्कृति सुरक्षित है। राजस्थान सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए कृत संकल्पित है।' मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य स्तरीय जनजाति गौरव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
गेम, सारBareilly Weather News: बरेली में शीतलहर और ठंड का प्रकोप जारी है। रविवार की रात प्रदेश में बरेली सबसे ज्यादा ठंडा जिला रहा। न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है।
बोनस विस्तारFollow Usसऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद बालोतरा जिले के मेघवालों की ढाणी निवासी 19 वर्षीय भारतीय नागरिक दिवंगत रमेश कुमार मेघवाल की दिवंगत देह को आखिरकार 36 दिन बाद वतन की मिट्टी नसीब हुई। गुरुवार दोपहर सऊदी अरब से उनकी पार्थिव देह जयपुर एयरपोर्ट पहुंची, जहां से आगे की औपचारिकताएं पूरी की गईं।
अंबाला। प्राचीन बब्याल गद्दी, श्री गोगा मंदिर दलीप गढ़ में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में गुरु गोरखनाथ जी को समर्पित खिचड़ी वितरण की 52 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। योगी दिनेश नाथ ने बताया कि इस बार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश और एकादशी तिथि के संयोग के कारण यह पर्व 15 जनवरी, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस परंपरा का इतिहास दिलचस्प है। मंदिर के योगी दिनेश नाथ ने बताया कि वर्ष 1973 में स्वर्गीय योगी शमशेरनाथ ने एक छोटी सी कड़ाही में खिचड़ी बनाकर बांटने की शुरुआत की थी, देखते ही देखते यह परंपरा विशाल रूप ले चुकी है। अब हर साल मकर संक्रांति पर लगभग ढाई क्विंटल देसी घी की खिचड़ी तैयार कर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं में वितरित की जाती है।
स्टूडेंट, अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:विजय पुंडीरUpdated Fri, 14 Nov 2025 11:03 AM IST







