ऑनलाइन वॉच
साप्ताहिक डिस्काउंट
गोल्ड कूपन, Inc
विथड्रॉ
💢नया लाइक💢
️डाउनलोड,अल्मोड़ा। चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में भाषण के दौरान अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस को इस मामले में शुक्रवार को तहरीर मिली थी। तहरीर में बाड़ी बगीचा अल्मोड़ा निवासी वैभव जोशी ने कहा कि बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में अंकिता भंडारी प्रकरण में विभिन्न संगठनों की आमसभा हो रही थी। वह भी सभा में अपने दोस्तों के साथ उपस्थित थे। लोग बारी-बारी से भाषण दे रहे थे। तभी एक महिला भाषण देने लगी। भाषण के दौरान उसने कई बातें समाज में द्वेष फैलाने वाली कह दी। प्रदेश के मुख्यमंत्री को जूता मारने, शराबियों एवं बलात्कारियों जैसे घिनौने शब्दों को ब्राह्मणवाद और मानुवाद से जोड़ दिया। कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191 (1) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। मामले की विवेचना एसएसआई सतीश चंद्र कापड़ी को सौंपी गई है।
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:43 AM IST
विज़िट शेयर, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा/बलौदाबाजारPublished by:विजय पुंडीरUpdated Sun, 21 Dec 2025 09:52 AM IST
प्रीमियम कूपन,
मासिक गेम कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
पुराना विन, विस्तारFollow Usप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







