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पॉइंट्स स्टूडेंट, विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Mon, 22 Dec 2025 04:08 PM IST
चुराह (चंबा)। चुराह ब्लॉक के तीसा क्षेत्र के 30 किसान पालमपुर में मशरूम उत्पादन के गुर सीखेंगे। द हंस फाउंडेशन और एलआईसी एचएफएल के संयुक्त तत्वावधान में तीसा क्षेत्र किसानों का समूह मशरूम विकास परियोजना केंद्र पालमपुर, जिला कांगड़ा को रवाना हुआ। यह प्रशिक्षण 12 जनवरी से 16 जनवरी तक पांच दिन तक चलेगा।
वेरिफाई ट्रांसफर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:43 PM IST
वॉच सर्वे विस्तारFollow Usराजस्थान के सीकर, भरतपुर, बांसवाड़ा और जयपुर समेत कई जिलों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अब तक कम से कम 2 मासूमों की जान जा चुकी है और कई की हालत बिगड़ी हुई है। सिरप पीने के बाद उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और किडनी फेलियर जैसे लक्षण सामने आए। अभिभावकों का कहना है कि यह दवा सरकारी डॉक्टरों की सलाह पर दी गई थी।
प्रसवोत्तर रक्तस्राव मातृ मृत्यु का बड़ा कारण बनता जा रहा है। वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब में 8.46% महिलाओं को प्रसवोत्तर रक्तस्राव के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। सूबे में प्रसवोत्तर रक्तस्राव के कारण मौतों का प्रतिशत राष्ट्रीय स्तर से कम है लेकिन फिर भी स्थिति चिंताजनक है।
अतिरिक्त कमाई, चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:40 AM IST







