सब्सक्राइब कम्पलीट
छोटा ईज़ी
फ्री, Inc
वेरिफाई
💢सब्सक्राइब💢विस्तारFollow Usबोकारो जिले के हरला थाना क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-9 बी स्ट्रीट-5 स्थित झोपड़ीनुमा मकान में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां किराये के मकान में रह रहे एक छोटे से परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान कुंदन कुमार तिवारी (35 वर्ष), उनकी पत्नी रेखा कुमारी (33 वर्ष) तथा उनके दो वर्षीय मासूम बच्चे के रूप में हुई है। कुंदन मूल रूप से बांका (बिहार) के रहने वाले थे।
️ऑनलाइन कम्पलीट,विस्तारFollow Usबेमेतरा जिले में आज बुधवार को पत्नी की हत्या कर पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पति ने सबसे पहले अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या किया है। हालांकि, इस वारदात का कारण अज्ञात है। वर्तमान में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच किया जा रहा है। मामला देवरबीजा चौकी क्षेत्र के ग्राम सलधा (मंजगांव) का है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार सलिक साहू ने अपने ही घर में पत्नी सावित्री साहू की गला दबाकर हत्या कर दी।
अतिरिक्त सर्वे,
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।Published by:अमन विश्वकर्माUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Tue, 30 Sep 2025 08:27 AM IST
इनवाइट, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
क्लिक गेट
बिलासपुर शहर में आज करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत का दौरा रहा। उन्होंने शहर पहुंचते ही क्षत्रिय समाज की बड़ी बैठक ली और साफ कहा कि 7 दिसंबर को रायपुर में देशभर का क्षत्रिय समाज एकजुट होकर जबरदस्त प्रदर्शन करेगा। यह प्रदर्शन वीरेंद्र सिंह तोमर के समर्थन में किया जाएगा, जिनके साथ पुलिस द्वारा की गई कथित अभद्रता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश बढ़ रहा है।
लाइक पैसे, विस्तारFollow Usअब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।







