लॉग इन
साइन अप वीडियो
दैनिक पैसे, Inc
क्लिक गेट
💢अतिरिक्त वॉच💢- सुराही बाजार में बैग खरीदने के बहाने चोरी की, वीडियो हुआ वायरल
️रिवॉर्ड्स,राजस्थान में घना कोहरा, कई इलाकों में विजिबिलिटी 20 मीटर से कमPublished by:सौरभ भट्टUpdated Mon, 22 Dec 2025 06:56 AM IST
विस्तारFollow Usप्रदेश में राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। साइबर ठग खुद को बोर्ड से जुड़ा बताकर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से फोन पर संपर्क कर रहे हैं और परीक्षा में पास कराने के नाम पर रुपये मांग रहे हैं। राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस तरह की धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों को सतर्क रहने की अपील की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन नामों से कॉल किए जा रहे हैं, उस नाम का कोई भी व्यक्ति बोर्ड में कार्यरत नहीं है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि किसी भी परीक्षार्थी को पास कराना इस तरह से पूरी तरह असंभव है।
वॉच, थप्पड़बाज निलंबित एसडीएम छोटूलाल शर्मा।- फोटो : अमर उजाला
लुधियाना में लूटAmritsarShahdol NewsBihar NewsJalandharरेवाड़ी में पुलिस की बड़ी कार्रवाईChhindwara NewsMP NewsMunger NewsBihar
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में अंदरूनी हलचल एक बार फिर सामने आई है। आलीराजपुर के बाद अब रतलाम ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह महज कुछ महीनों के भीतर संगठन में दूसरा इस्तीफा है, जिससे प्रदेश कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हर्ष विजय गहलोत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा है कि पारिवारिक परिस्थितियों और विधानसभा क्षेत्र से जुड़े दायित्वों के कारण वे जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी को अपेक्षित समय और ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने संगठनात्मक पद से मुक्त करने का अनुरोध किया है।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
कम्पलीट साइन अप,
लॉग इन स्टूडेंट लुहणू खेल मैदान का निरीक्षण करते उपायुक्त। स्रोत: डीपीआरओ
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
ईज़ी,







