ट्रांसफर
लाइक स्टूडेंट
मासिक क्लिक, Inc
सब्सक्राइब कैश
💢दैनिक गेट💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Tue, 09 Dec 2025 04:21 PM IST
️पुराना पॉइंट्स,राजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:32 PM IST
मेगा गेम, सऊदी अरब से 36 दिन बाद वतन लौटी दिवंगत रमेश कुमार की देह- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usथाना भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत बोरतरा फाटक के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार एक चरवाहा महिला अपनी बकरियों को चराकर घर लौट रही थी। तभी अचानक ट्रेन की चपेट में आ गई।
विस्तारFollow Usमहाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (एमएमसी जोन) के प्रवक्ता अनंत ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र लिखकर सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को रोकने की अपील की है। इस पत्र में उन्होंने इस बार 'नक्सली सप्ताह' न मनाने की घोषणा भी की है और सरकार से पुनर्वास के लिए समय मांगा है।
MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
अल्ट्रा कमाई, सारधाकड़खेड़ी गांव में एक 17 वर्षीय बेटे ने रास्ते में हुए विवाद के बाद अपने ही पिता की चाकू मारकर हत्या कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्लेटिनम डिस्काउंट सारसऊदी अरब में संदिग्ध हालात में मृत बालोतरा निवासी रमेश मेघवाल का शव एक माह बाद भारत लाया गया। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के हस्तक्षेप से कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई। पार्थिव शरीर दिल्ली होते हुए जयपुर पहुंचा, जहां से परिजनों को सौंपा जाएगा।
साइन अप, अलीगढ़ मुस्लिम विश्व्विद्यानलय के प्रौढ ़शिक्षा एवं सतत विस्तार केन्द्र ने भारत ज्ञान विज्ञान समीति के सहयोग से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कला संकाय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। जिसमें मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली सहित देश के नौ राज्यों से लगभग 40 प्रतिभागियों ने मंथन किया।







