अतिरिक्त कमेंट
वॉच
कलेक्ट वेरिफाई, Inc
गेट
💢शेयर पॉइंट्स💢अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।Published by:अमन विश्वकर्माUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:30 AM IST
️सर्वे पैसे,सारसीजीपीएससी 2024 के रिजल्ट आ गए है, इस परीक्षा में सरगुजा जिला के सीतापुर क्षेत्र से दो लोगों ने अपना स्थान बनाया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग में चंचल पैकरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
विस्तारFollow Usएलन करियर इंस्टीट्यूट की ओर से प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए देश की बड़ी परीक्षाओं में से एक एलन टैलेंटेक्स प्रतिभावान स्टूडेंट्स को आगे लाने, उनके करियर को संवारने के लिए सशक्त मंच है। इस परीक्षा में शामिल होकर स्टूडेंट्स कोचिंग शुल्क में रियायत पाकर सपने पूरे कर सकते हैं। शुरुआत से अब तक एलन टैलेंटेक्स में 18.25 लाख स्टूडेंट्स शामिल हो चुके हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में होने वाली इस परीक्षा में कक्षा 5 से 10 तक के स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं। परीक्षा 5 व 12 अक्टूबर को होगी। 30 जून तक आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स को रजिस्ट्रेशन फीस में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
मेगा कलेक्ट, सारविभाग की कार्रवाई खत्म होने के बाद हिक्स थर्मामीटर के संचालक परिवार ने पूरी तरह से दूरी बना ली है। परिवार का कोई भी सदस्य न तो मीडिया के सामने आया है और न ही किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क कर रहा है।
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारबालाघाट में बच्चों को स्कूल ले जा रहा ऑटो पलट गया। इस दौरान ऑटो पर सवार 12 बच्चे चोटिल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।पढ़ें पूरी खबर।
लाइक शेयर, सारJaipur News:अंता उपचुनाव जीतकर प्रमोद जैन भाया ने आज विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने बारां जिले में यूरिया संकट और किसानों की परेशानियों को उठाते हुए चेतावनी दी कि 7 दिन में सप्लाई नहीं सुधरी तो 2 दिसंबर को गढ़ेपान संयंत्र पर धरना देंगे।
रिसीव ट्रांसफर जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
बोनस, संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:41 PM IST







