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💢नया इनवाइट💢संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:29 PM IST
️लॉग इन,वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:40 PM IST
डिपॉजिट डिपॉजिट, बस्ती। नगर पालिका की ओर से शहर में साफ स्वच्छ पेयजल जलापूर्ति का दावा किया जा रहा है, मगर, शहर में बने ओवरहेड टैंकों की डेढ़ साल से सफाई ही नहीं कराई गई है। नगर पालिका अधिकारी बजट न होने का हवाला दे रहे हैं। वहीं दूषित पानी की सप्लाई से लोगों को सेहत को नुकसान का खतरा सता रहा है।
विस्तारFollow Usबागेश्वर जिले के मनकोट गांव से अचानक गायब हुई महिला का शव दो किमी दूर जंगल से मिल गया है। शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। महिला के सिर पर चोट के निशान मिले हैं। ग्रामीण महिला की मौत का कारण तेंदुए का हमला बता रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।
बिछिया। भारत-नेपाल सीमा से सटे गांव बर्दिया में थारू जनजाति जागरूकता समिति की ओर से शनिवार को माघी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। बर्दिया खेल मैदान में तहसीलदार पयागपुर अंबिका चौधरी ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि माघी महोत्सव थारू समाज की संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
फ्रेंड्स शेयर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज फरसाबहार क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए जनपद पंचायत मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में 40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 16 लाख 41 हजार रुपये के चार कार्यों का लोकार्पण और 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपये के नौ कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय भी उपस्थित रहीं।
वॉच लॉग इन
विस्तारFollow Usबारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।
इनाम इंस्टेंट, मकर संक्रांति का पर्व, जो पारंपरिक रूप से खिचड़ी के बिना अधूरा सा लगता है, इस वर्ष एक विशेष संयोग के कारण अपने पारंपरिक स्वरूप में नहीं मनाया जा सकेगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ-साथ षटतिला एकादशी का भी पर्व पड़ रहा है, जो 19 वर्षों बाद ऐसा संयोग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल से बनी किसी भी सामग्री का सेवन वर्जित होता है।







