अतिरिक्त बोनस
गेट अर्न
इनवाइट डिस्काउंट, Inc
लाइक रजिस्टर
💢प्लेटिनम कमेंट💢😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️सुपर इनाम,
बाली में लूटपाट के शिकार बने कोटा निवासी दंपति- फोटो : अमर उजाला
दैनिक पैसे, विस्तारFollow Usतीन दिन से लापता युवक का शव शनिवार को बरामद होने के बाद क्षेत्र में सनसनी मच गई है। हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए युवक की हत्या के बाद मशीन (हेक्सा ब्लेड) से उसके शरीर के तीन टुकड़े कर दिए और पहचान छिपाने के लिए सिर व पैर गंगा में फेंक दिए। मामला भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर पंचायत के शाहपुर पुलिया के पास की है। मृतक की पहचान कहलगांव के मकसपुर निवासी अभिषेक कुमार के रूप में की गई है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है।
जिलाधिकारी भागलपुर डॉ. नवल किशोर चौधरी- फोटो : अमर उजाला
भागलपुर से बड़हरवा के बीच तीसरी और चौथी रेललाइन के निर्माण को रेलवे बोर्ड से औपचारिक मंजूरी मिल गई है। इस 128.5-128.5 किलोमीटर लंबे दोहरी रेल ट्रैक परियोजना पर कुल 3967.88 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंजूरी के बाद अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इस परियोजना के लिए बिहार के भागलपुर और झारखंड के साहेबगंज जिले को सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अधिसूचित किया गया है।
साइन अप इंस्टेंट,
गेम मोबाइल विस्तारFollow Usहरियाणा में संगठित अपराध और फिरौती से जुड़े मामलों पर कड़े प्रहार के परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में फिरौती मांगने की घटनाओं में 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, पुलिस ने पिछले वर्ष 9 टारगेटेड मर्डर की बड़ी साजिशों को भी समय रहते विफल किया, जिससे अपराधियों के हौसले कमजोर पड़े हैं और जनता में भरोसा बढ़ा है।
लाइक, विस्तारFollow Usएनटीपीसी कहलगांव स्थित अंग भवन में शनिवार को समर्थ मिशन के सहयोग से बायोमास को-फायरिंग विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मिशन के तहत देश के तमाम तापीय विद्युत संयंत्रों में बायोमास के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यशाला में समर्थ मिशन के निदेशक रवि प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि बायोमास को-फायरिंग नीति के तहत देश के ऊर्जा संयंत्रों में कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली उत्पादन संभव है। इस मिशन के अंतर्गत देश के सभी विद्युत परियोजनाओं में इसका प्रयोग किया जा रहा है।







