साइन अप डाउनलोड
सर्वे रिवॉर्ड्स
शेयर कलेक्ट, Inc
प्रीमियम कमेंट
💢अर्न अर्न💢अमेठी सिटी। प्रतापगढ़ के चौक बाजार निवासी कपड़ा व्यवसायी विजय सिंह की हत्या का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। तंत्र-मंत्र से आराम न होने, आर्थिक नुकसान और लगातार धनराशि की मांग से नाराज होकर वारदात को अंजाम दिया गया। जायस के छोटा गोरियाना कस्बा निवासी राजन सोनकर ने तीन साथियों के साथ मिलकर पहले विजय पर वार कर बेहोश किया। बाद में तीन साथियों ने हाथ -पैर पकड़े और उसने सिर को धड़ से अलग कर दिया।
️सुपर कूपन,
कलेक्ट, विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से लगभग 5 लाख रुपये मूल्य का 106.60 किलो गांजा जब्त किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई है।
सारमामला प्रेम प्रसंग और विवाद से जुड़ा बताया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है, वहीं एहतियातन इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:05 PM IST
गेट, सारबालोद के मां दंतेश्वरी शक्कर कारखाने में बिना तैयारी के टोकन वितरण के बाद भी संचालन शुरू नहीं हुआ। सैकड़ों किसान ठंड में गन्ना लेकर परेशान हैं। किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ऑनलाइन फ्रेंड्स जिले के ग्राम तलवाड़ा डेब में शादी के पांच साल बाद परिवार में जन्मी बच्ची की मौत ने पूरे परिवार को शोक में डाल दिया है। नविता पति राहुल कर्मा के यहां 29 दिन पहले बेटी का जन्म हुआ था। 16 नवंबर को बच्ची की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से जच्चा और बच्चा दोनों को इंदौर रैफर किया गया लेकिन 108 एंबुलेंस रास्ते में ही खराब होने से बच्ची को दूसरे वाहन में इंदौर ले जाना पड़ा। इसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने एंबुलेंस के खराब होने के कारण देरी होने पर बच्ची की मौत और चालक पर अभ्रदता का भी आरोप लगाया है।
दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन के बाद पथराव- फोटो : पीटीआई
कूपन गेट, अमेठी सिटी। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर परिश्रम, अनुशासन और नवाचार से पहचान बनाना आसान नहीं होता। इस कठिन राह पर चलते हुए अर्चना मौर्या ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया और सफलता का मुकाम हासिल किया। वर्ष 2009 में सीतापुर में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के साथ उनका शैक्षिक सफर शुरू हुआ। वर्ष 2012 में जनपद अमेठी में स्थानांतरण के बाद उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।







