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💢रजिस्टर💢छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को भगवान शिव की तपोभूमि एवं नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में मां नर्मदा के पावन शक्तिपीठ में दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
️मोबाइल कमेंट,विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
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नया कलेक्ट, बलरामपुर के देहात कोतवाली में मौजूद पकड़े गए अभियुक्त ।-स्रोत: विभाग
अतरौली में जाम लगाकर प्रदर्शन करते हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:15 PM IST
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शेयर क्लिक मातृत्व किसी भी महिला के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है। हालांकि गड़बड़ होती लाइफस्टाइल और खानपान से संबंधित दिक्कतों ने इस सुख से लाखों दंपत्तियों को वंचित रखा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में ऐसा ही एक मामला देखा गया है जहां दंपत्ति को इस सुख के लिए 12 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा। ये सुख मिला भी तो नवजात का जन्म समय पूर्व हुआ और उसे हार्ट से संबंधित समस्या भी थी। हालांकि डॉक्टर्स की टीम ने चिकित्सा कौशल की मिसाल पेश करते हुए न सिर्फ नवजात की जीवनरक्षक हृदय सर्जरी की बल्कि बच्ची को स्वस्थ करके छुट्टी दे दी।
फोटो - 02 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आलेख्य वोटर लिस्ट सौंपते एडीएम। संवाद
साप्ताहिक मोबाइल, विस्तारFollow Usचिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन और अजमेर दरगाह के गद्दीनशीन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश की एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि नए साल की शुरुआत उम्मीद, मोहब्बत, एकता और अमन के पैगाम के साथ हुई है और यह संदेश भारत से पूरी दुनिया तक जाना चाहिए।







