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💢अतिरिक्त ऑफर💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुरPublished by:तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:37 PM IST
️स्टूडेंट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Wed, 15 Oct 2025 07:48 PM IST
विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।
अर्न वीडियो,
जीआईसी मैदान में फुटबाल खेलते खिलाड़ी। स्रोत संगठन
हाफिज इस्लामियां इंटर कॉलेज में एडीएम एफआर ने एसडीएम सदर के साथ बूथ का निरीक्षण किया। स्रोत प
क्लिक, भिवानी। जिले के पांच खंड तोशाम, कैरू, सिवानी, लोहारू और बहल क्षेत्र के करीब 170 गांवों का भूमिगत जल पाताल में पहुंच गया है। यही वजह है कि 800 से 900 फीट गहराई में भूमिगत जल दोहन के लिए लगाए गए बोरवेल रासायनिक तत्व उगल रहे हैं जिनसे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है। भूमिगत जल की विद्युत चालकता (ईसी) 6000 के पार पहुंच गई है वहीं टीडीएस, हार्डनेस और फ्लोराइड की मात्रा भी सामान्य से तीन गुना तक आंकी जा रही है।
कम्पलीट
विस्तारFollow Usसुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।
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