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️लॉग इन,पश्चिमी राजस्थान की राजनीति एक बार फिर जिला सीमाओं के सवाल पर उबाल पर है। बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल ने न सिर्फ प्रशासनिक ढांचे को झकझोर दिया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी आमने-सामने ला खड़ा किया है। कांग्रेस इस फैसले को जनविरोधी और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे संतुलित प्रशासन और विकास की दिशा में जरूरी कदम करार दे रही है।
विस्तारFollow Usजिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
पुराना पैसे, अरावली पर्वतमाला को नुकसान पहुंचाने वाले सरकारी निर्णयों के विरोध में रविवार को एनएसयूआई के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अंकित घारू के नेतृत्व में युवाओं ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार को चेताया कि यदि अरावली को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
अमेठी सिटी। गेहूं फसल की सिंचाई के समय नहरों में पानी नहीं पहुंचने से किसानों में नाराजगी है। सोमवार को महिला किसानों ने सिंचाई विभाग के कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की गई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Wed, 07 Jan 2026 01:57 PM IST
कमाई विन, सारBanswara News: 1 नवंबर 1983 को इंदिरा गांधी द्वारा माही नहरों में जलप्रवाह शुरू होने के बाद बांसवाड़ा ने विकास की नई कहानी लिखी। कालापानी कहे जाने वाला यह इलाका आज हराभरा और आत्मनिर्भर बन चुका है, जहां कृषि, ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया।
अर्न विथड्रॉ
सर्वे विज़िट, विस्तारFollow Usअंता विधानसभा सीट पर मंगलवार को हुए उपचुनाव के नतीजे 14 नवंबर को सामने आ जाएंगे। लेकिन वोटिंग प्रतिशत को देखते हुए नतीजों में कुछ बड़ा बदलाव होने के संकेत तो नहीं है। निर्वाचन विभाग की ओर से मतदान के आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं। शाम साढ़े आज बजे तक वोटर टर्नआउट एप पर कुल 80.32 प्रतिशत मतदान होना बताया गया है। जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में भी 80.35 प्रतिशत मतदान ही हुआ था। हालांकि मौजूदा उपचुनाव में मतदान के फाइनल आंकड़े बुधवार सुबह तक अपडेट होंगे। इसलिए संभावना यही है कि पिछले चुनावों हुए वोटिंग प्रतिशत को इस बार अंता पार कर लेगा। लेकिन यह कोई बड़ा फर्क नहीं है। बीते 3 विधानसभा चुनावों में अंता में वोटिंग प्रतिशत लगभग 80 प्रतिशत ही रहा है।







