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💢अतिरिक्त कमेंट💢अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:राहुल तिवारीUpdated Mon, 29 Dec 2025 04:47 PM IST
️रिसीव,विस्तारFollow Usराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसकी एक प्रेरक मिसाल मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदुली से सामने आई है, जहां सत्कार महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य सुष्मिता जाटवर ने संघर्ष से सफलता तक का उल्लेखनीय सफर तय किया है।
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
लाइक ट्रांसफर, बदायूं जिले के कुंवरगांव थाना प्रभारी राजेश कौशिक रस्सी का सांप बनाने में बुरी तरह फंस गए हैं। उन्होंने एक शख्स को पशु तस्कर साबित करने के लिए उससे फर्जी मुठभेड़ तक दिखा दी, जबकि वारदात के वक्त वह 62 किसी दूर बरेली में था। परिवार ने लोकेशन व फुटेज जैसे सबूत डीआईजी के सामने पेश किया है। गर्दन फंसती देख एसओ ने बदायूं एसओजी से निजी तौर पर मदद मांगी। इससे उन पर फंदा और कस गया है।
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानीUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:23 AM IST
लोहारू। कस्बे में कोर्ट परिसर के बाहर नेशनल हाईवे से सटी सड़क के किनारे मोटरसाइकिल, कार और अन्य निजी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग आमजन के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण यहां हर समय सड़क दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोग और राहगीर कहते हैं कि यह मार्ग पहले से ही व्यस्त रहता है, ऐसे में सड़क के दोनों ओर खड़े वाहन आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीPublished by:हिमांशु चंदेलUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:34 AM IST
कम्पलीट, झंडूता के बलघाड़ में आयोजित हिंदू सम्मेलन में मौजूद लोग। स्रोत: आयोजक
विन
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दैनिक डिपॉजिट, विस्तारFollow Usसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।







