प्लेटिनम डिपॉजिट
साप्ताहिक कैश
रिसीव वेरिफाई, Inc
कम्पलीट
💢रिवॉर्ड्स वीडियो💢सारभाटापारा में अवैध धान खपाने की कोशिश पर प्रशासन ने तीन जगह संयुक्त छापेमारी कर 1044.40 क्विंटल धान जब्त किया। वैध दस्तावेज न मिलने पर कार्रवाई की गई और अधिकारियों ने आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही।
️दैनिक कमेंट,बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के बलरामपुर बस स्टैंड क्षेत्र में ठेला लगाने को लेकर हुए विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। आरोप है कि आबकारी विभाग के उपनिरीक्षक ने एक ठेला व्यापारी के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:05 AM IST
लाइक, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usजिले के नलखेड़ा में स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर की कीमती भूमि को लेकर हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसके बाद शुक्रवार रात को पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटा दिया गया। कार्रवाई देर रात तक चली और परिसर में भीड़ लगी रही।
दैनिक फ्री, बलिया l जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को शिष्टाचार भेंट की। कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति पर चर्चा की। विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रगति, वित्तीय सहायता, कर्मचारियों की नियुक्ति आदि विषयों पर कुलपति ने मुख्यमंत्री से सार्थक चर्चा हुई। कुलपति ने विश्वविद्यालय की कठिनाइयों से भी अवगत कराया। विश्वविद्यालय के भवनों के प्रथम चरण का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। कुलपति ने मुख्यमंत्री से इन भवनों के लोकार्पण के लिए समय देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए शासन स्तर से सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कहा कि बलिया जनपद उत्तर प्रदेश के पूर्वी सीमान्त पर स्थित है, जिसके विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। सरकार निश्चित रूप से इसके विकास में हर संभव योगदान देने को तत्पर है।
डिपॉजिट स्टूडेंट
विन डाउनलोड, 1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।







