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💢डाउनलोड डिपॉजिट💢बचपन में कटी हुई पतंग तो सभी ने लूटी होगी। इस दौरान कई बार दोस्तों के बीच लूटी हुई पतंग को लेकर आपस में या उसके मालिक के साथ विवाद भी हुए होंगे। लेकिन, बुरहानपुर में पतंग लूटने की बात पर उसके मालिक और लूटने वाले युवक के बीच विवाद मारपीट तक पहुंच गया।
️डायमंड कम्पलीट,नेशनल हाईवे 719 पर सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। वहीं दौड़ लगा रहा एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना देहात क्षेत्र के दावत होटल के पास हुई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब 4 घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
दरभंगा राजघराने की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी- फोटो : अमर उजाला
विथड्रॉ वीडियो, मारपीट से आक्रोशित कोतवाली के बाहर प्रदर्शन करते विद्युत कर्मचारी। स्रोत- संवाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Sun, 24 Aug 2025 08:42 AM IST
धामपुर। गांव भटियाना खुशहालपुर में रविवार सवेरे नौ बजे गांव के निकट खेत में गुलदार बैठा नजर आने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अवगत कराने के बाद भी वन विभाग की ओर से पिंजरा नहीं लगाया जा रहा है। गांव के मास्टर सुधीर कुमार चौहान ने बताया कि जब वह सवेरे नौ बजे जंगल में काम करने के लिए बाइक से जा रहे थे। इस दौरान गांव के निकट पूर्व प्रधान के घर के पास स्थित सरसों के खेत में गुलदार बैठा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने शोर मचाया और गांव के लोग इकट्ठा हुए तो गुलदार गन्ने के खेत में जा छिपा। गांव की मीनाक्षी, बबीता, अर्जुन ,जितेंद्र, सतवीर, परविंदर और लोकेश का कहना है कि कई बार वन विभाग के अधिकारियों से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर जल्द पिंजरा लगाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि 2025 में उनके गांव में वन विभाग द्वारा दो गुलदाराें को पकड़ चुका है। डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह का कहना है कि उन्होंने ग्राम प्रधान से संपर्क कर पिंजरे को गांव में लगाने के लिए सुझाव दिया है। ग्रामीणों की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा।
बलरामपुर तहसील कार्यालय में दस्तावेजों के एवज में अवैध धन मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। टांगरमहरी निवासी दीपक यादव ने तहसील कार्यालय के समक्ष तख्ती लेकर धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू और चौकीदार ने उन्हें अधिकार अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए ₹500 की रिश्वत मांगी, जबकि इसके लिए निर्धारित सरकारी शुल्क मात्र ₹10 था। दीपक यादव के पास ₹200 ही उपलब्ध थे और वह शेष ₹300 के लिए राजस्व अधिकारियों से “भीख” मांगने की बात कहते हुए धरने पर बैठे थे।
पैसे स्टूडेंट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेरPublished by:मुंगेर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 08:28 AM IST
गेम बोनस चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:39 AM IST
मासिक स्टूडेंट, बाघिन आरवीटी 8 कालदां के जंगलों को छोड़ आगे बढ़ी- फोटो : अमर उजाला







