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💢अतिरिक्त स्टूडेंट💢वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:00 AM IST
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वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही राजस्थान में एक बार फिर सर्द हवाएं चलने लगी हैं। रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ ठंड तेज हो गई है। वहीं घने कोहरे के कारण बीकानेर संभाग और आसपास के जिलों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई ट्रेनों और हवाई उड़ानों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।
मेगा पॉइंट्स, बीते दिनों मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग में बने 90 डिग्री वाले ब्रिज की पूरे देश में चर्चा रही। इसके बाद अब प्रदेश के ही बुरहानपुर जिले के नेपानगर में बने 86 डिग्री वाले ओवरब्रिज की भी सुरक्षा व्यवस्था पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। करीब दो साल पहले जनता के लिए खोले गए इस ब्रिज पर अब तक दो हादसे हो चुके हैं, जिसमें एक मौत भी हुई थी। इसके बाद से इस पर जालियां लगाने का काम फाइलों में अटका पड़ा है। हालांकि फरवरी माह में हुए हादसे के बाद स्थानीय नगर पालिका अध्यक्ष भारती पाटील ने भी इंजीनियरों के साथ इस रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। इसके बाद ही ब्रिज पर सुरक्षा जालियां लगाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि स्थानीय कांग्रेस नेता जगमीत सिंह जोली का कहना है कि 90 और 86 डिग्री में कोई बड़ा अंतर नहीं है। ऐसे में क्या जिला प्रशासन अब भी यहां कोई बड़ा हादसा होने का इंतजार कर रहा है।
बीना देवी और प्रशांत की फाइल फोटो।- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:15 AM IST
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:11 AM IST
डिस्काउंट, सारBhilwara News: भीलवाड़ा में आरएएस अधिकारी छोटू लाल शर्मा की पंप कर्मियों से मारपीट के बाद कर्मचारियों ने जवाबी थप्पड़ जड़ा। वायरल सीसीटीवी वीडियो से सनसनी फैल गई। वहीं, पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं। लोग निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लाइक लॉग इन विस्तारFollow Usएनटीपीसी कहलगांव स्थित अंग भवन में शनिवार को समर्थ मिशन के सहयोग से बायोमास को-फायरिंग विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मिशन के तहत देश के तमाम तापीय विद्युत संयंत्रों में बायोमास के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यशाला में समर्थ मिशन के निदेशक रवि प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि बायोमास को-फायरिंग नीति के तहत देश के ऊर्जा संयंत्रों में कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली उत्पादन संभव है। इस मिशन के अंतर्गत देश के सभी विद्युत परियोजनाओं में इसका प्रयोग किया जा रहा है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:13 AM IST
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