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💢कूपन गेट💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 11 Oct 2025 11:38 PM IST
️कूपन,संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 06:55 AM IST
- 5500 पुलिस कांस्टेबल की होनी है भर्ती, अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर जारी
विशेष विन, बैतूल जिले की जिला जेल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां सात साल की सजा काट रहे कैदी प्रकाश बाबूराव सतपुते की रिहाई तय होने से ठीक पहले अचानक मौत हो गई। प्रकाश मूल रूप से मुलताई क्षेत्र के घाट-अमरावती का निवासी था और वर्ष 2022 में धारा 304(बी) के तहत सात वर्ष की सजा के लिए जेल भेजा गया था।
Tiger Breaking News:पेंच टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन रामगढ़ विषधारी में अनुकूलन चरण में है। सब ठीक रहा तो एक सप्ताह में उसे खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।
बैतूल में आरएसएस पदाधिकारी से मारपीट के बाद तनाव बढ़ गया।- फोटो : अमर उजाला
फ्री, छत्तीसगढ़ समेत बेमेतरा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जोरों पर है। बीते चार नवंबर को इसकी शुरूआत के बाद से बीएलओ मतदाताओं तक पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरण कर रहे है। घर-घर जाकर बीएलओ गणना प्रपत्र और घोषणा प्रपत्र देने के साथ ही आवश्यक दस्तावेज भी संकलित कर रहे हैं। लेकिन, इस काम में संबंधित कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रहीं है। यहीं कारण है कि आज रविवार को जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। मिली जानकारी अनुसार बेमेतरा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व अनुविभागीय अधिकारी (रा) ने 16 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी है।
ईज़ी पीडीडीयू नगर। तीन दिनों की राहत के बाद जिले में सर्दी का सितम दोबारा बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान रविवार के 21 से गिरकर 19 और न्यूनतम तापमान नौ से घटकर सात डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पूरे दिन करीब 14 किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुआ हवा के कारण लोगों को ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में दिन व रात में ठंड बढ़ने की संभावना है।
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूंPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:54 PM IST
वॉच कम्पलीट, कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







