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💢प्रीमियम डिपॉजिट💢'मौत के लिए बच्चों को सिरप देने वाली माताएं जिम्मेदार'- फोटो : अमर उजाला
️सर्वे वेरिफाई,मंदिर में 14 सयाने, जनप्रतिनिधि, भक्तगण और आचार्य गौड़ ब्राह्मण होंगे शामिल
विस्तारFollow Usबिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री बनते ही विभागीय सिस्टम को सुधारने मेंभ्रष्टाचार की जमीन खोदने लगे। लिहाजा भ्रष्ट अधिकारी और भूमाफियाओं के बीच हड़कंप मच गया। लेकिन इसके बाद भी समस्तीपुर में भू माफियाओं के द्वारा रिटायर्ड फौजी को फर्जी तरीके से कागजों में मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करने का मामला सामने आया। यहां तक कि वह सीमा पर दुश्मन देश से लड़ने वाला फौजी अपने ही प्रदेश में सीने पर “साहेब मैं जिंदा हूँ”लिखी तख्ती लगाकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर हो गया। अब ऐसा ही मामला भागलपुर से सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने करीब 9 साल पहले मर चुकी एक महिला को सरकारी दस्तावेजों में 'जिंदा' कर दिया और फिर फर्जी शपथपत्र के जरिए जमीन का दाखिल-खारिज भी करा लिया। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी हैरान हो रहे हैं।
रिवॉर्ड्स, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:46 PM IST
अंबरनाथ नगर परिषदशक्सगाम घाटी पर भारत की लताड़ से बौखलाया चीनयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJadeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्निडिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढा
पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचे परिजन- फोटो : अमर उजाला
सिल्वर ईज़ी, चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:09 AM IST
ट्रांसफर विस्तारFollow Usप्रसवोत्तर रक्तस्राव मातृ मृत्यु का बड़ा कारण बनता जा रहा है। वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब में 8.46% महिलाओं को प्रसवोत्तर रक्तस्राव के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। सूबे में प्रसवोत्तर रक्तस्राव के कारण मौतों का प्रतिशत राष्ट्रीय स्तर से कम है लेकिन फिर भी स्थिति चिंताजनक है।
सारविधायक निधि में कमीशनखोरी के आरोपों के बाद राज्य सरकार ने संबंधित विधायकों के MLA LAD खाते सीज कर दिए। वहीं भाजपा ने रेवतराम डांगा व कांग्रेस ने अनिता जाटव को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं
गोल्ड कैश, बीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।







