फ्री कूपन
कम्पलीट कैश
सिल्वर शेयर, Inc
सुपर ईज़ी
💢अतिरिक्त स्टूडेंट💢कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️वीआईपी विज़िट,सारधार्मिक पोस्टर लगाए जाने पर एक समुदाय द्वारा विरोध और नारेबाजी के बाद विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल पहुंचकर भीड़ को शांत कराया और अतिरिक्त बल बुलाकर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी।
विस्तारFollow Usप्रतापगढ़ के चौक बाजार निवासी कपड़ा व्यापारी व तांत्रिक विजय सिंह की हत्या का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। तंत्र साधना से लाभ न होने, आर्थिक नुकसान और लगातार धन मांग से नाराज होकर सात जनवरी की रात वारदात को अंजाम दिया गया था। जायस के छोटा गोरियाना कस्बा निवासी राजन सोनकर ने तीन साथियों के साथ मिलकर पहले विजय पर वार कर बेहोश किया। बाद में तीन साथियों ने हाथ पैर पकड़ और उसने सिर को धड़ से अलग कर दिया।
ऑनलाइन इनवाइट, बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे सोमवार को केवल यातायात मार्ग नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति-प्रदर्शन और उत्सव का विराट मंच बन गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के स्वागत में हाईवे करीब चार घंटे तक उत्सव पथ में तब्दील रहा। सड़क किनारे लगी फूल बरसाने वाली मशीनें, 24 से अधिक बुलडोजरों पर सवार कार्यकर्ताओं की पुष्प-वर्षा और भगवान राम व हिंदुत्व को समर्पित डीजे गीतों पर झूमता जनसैलाब... हर दृश्य यह संदेश दे रहा था कि बाराबंकी में भाजपा का संगठनात्मक दमखम पूरे उफान पर है।
मिहींपुरवा। सुजौली रेंज के कोलियागढ़ी बीट के नालों में रविवार रात कछुओं का शिकार करते हुए दो शातिरों को पकड़ा गया। इनमें से एक बिहार प्रांत का निवासी है। इनके पास से जिंदा संरक्षित प्रजाति के कछुए, नाव और शिकार में प्रयुक्त जाल तथा औजार बरामद हुए हैं।
लॉग इन, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की ओर से श्री गुरु तेग बहादुर साहिब को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने के विरोध में शनिवार को शिरोमणि अकाली दल बादल के देहाती जत्थे ने रोष प्रदर्शन किया।
कम्पलीट फ्री
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:34 PM IST
ट्रांसफर वीडियो, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







