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💢पुराना कैश💢अशोकनगर जिले के चंदेरी में मदरसे से जुड़ी शिकायत करने वाले एक युवक के साथ सरेआम मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि शिकायत से नाराज कुछ लोगों ने युवक को सार्वजनिक स्थान पर थप्पड़ मारे, उसकी दाढ़ी खींचकर बाल उखाड़ दिए और इस दौरान उसके चेहरे से खून निकल आया। पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर खुद ही वायरल कर दिया गया, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
️पॉइंट्स,सारभाटापारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिमगा ब्लॉक के ग्राम दरचुरा में गांव के पास गौ माता के शव के टुकड़े मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
बड़ा ऑफर, सारबेमेतरा शहर के मुक्तिधाम में अस्थियां चोरी होने का मामला सामने आया है। अंतिम संस्कार के बाद रात में घटना हुई,जिससे परिजनों में आक्रोश है। इसे लेकर आज रविवार को परिजनों ने सिटी कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
विस्तारFollow Usबेमेतरा जिले में पुलिस की सतर्कता और तकनीकी कार्रवाई से गुम हुए मोबाइल धारकों को बड़ी राहत मिली है। विभिन्न थाना व चौकी क्षेत्रों से गुम हुए 120 मोबाइल फोन को CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) के माध्यम से बरामद किया गया। इसे लेकर एसपी ऑफिस में एक कार्यक्रम आयोजित कर उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया गया।
बलरामपुर के गोंडा रोड पर घने कोहरे के बीच लाइट जलाकर गुजरते लोग ।-संवाद
क्लिक कमेंट, अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर की बदहाल सड़क हादसों को दावत दे रही है। हालात ये है कि सड़क पूरी तरह गड्ढों से पट चुकी है। सुरक्षा दीवार भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। सड़क पर आवाजाही के दौरान अब तक कई छात्र- छात्राएं दोपहिया वाहनों के रपटने से चोटिल भी हो चुके हैं। बावजूद इसके सड़क को अब तक सुधारा नहीं जा सका है। इससे छात्र- छात्राओं में आक्रोश बढ़ गया है।
वेरिफाई
गेट, सारबालाघाट में नक्सलवाद को बड़ी सफलता मिली है। जिले के अंतिम दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ मंगल उइके और रोहित ने सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों पर कुल 43 लाख का इनाम था। लगातार सर्चिंग, ड्रोन सर्विलांस और सप्लाई लाइन तोड़ने से नेटवर्क कमजोर हुआ और अब बालाघाट पूरी तरह माओवादी मुक्त हो गया है।







