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💢ऑनलाइन💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:44 AM IST
️प्लेटिनम कमेंट,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
सारBanswara News: बांसवाड़ा के बारी सियातलाई गांव में माही नहर में कूदी महिला को कोतवाली पुलिस के महिला कांस्टेबल गंगा और कांस्टेबल दीपक ने जान जोखिम में डालकर बचाया। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दैनिक डिस्काउंट, ग्राम पंचायत दादों के मजरा नगला खंजी स्थित एक ईंट भट्ठे पर खेल रहा तीन वर्षीय मासूम की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई। बिहार के गया जनपद निवासी राजू कुमार अपने परिवार सहित नगला खंजी स्थित ईंट भट्ठे पर ईंट पथाई का काम करते हैं। रविवार की शाम करीब चार बजे उनका तीन वर्षीय बेटा वीरू कुमार ईंट भट्ठे के पास खेल रहा था तभी ईंटों की ढुलाई करने वाले ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। थाना पुलिस के अनुसार शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील स्थित मोजर बेयर पावर लिमिटेड कंपनी द्वारा सरकारी व वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। युगलपीठ ने अनावेदकों को जवाब पेश करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
सब्सक्राइब, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़Published by:चमन शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:09 PM IST
वीडियो ऑफर महराजगंज तराई। तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम परसपुर के पास शनिवार रात नहर कट गई। नहर का पानी भरने से 50 बीघे फसल डूब गई। खेतों में पानी भर जाने से सरसों, मटर, चना, मसूर व गेंहू को नुकसान हुआ है। नाराज किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बाद भी समस्या दूर नहीं कराई जा रही है। किसानों ने डीएम को प्रार्थना पत्र भेजकर फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने व नहर कटने की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
विस्तारFollow Usबारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।
स्टूडेंट अर्न, सारइक्विटी बाजार में अस्थिरता के बीच फ्लेक्सीकैप फंड्स एक 'ऑल-वेदर' रणनीति बनकर उभरे हैं। जानिए क्यों यह कैटेगरी निवेशकों की पहली पसंद बन रही है।







