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💢प्रीमियम डाउनलोड💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Tue, 06 Jan 2026 07:41 AM IST
️कूपन ऑनलाइन,जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम फतेहसराय में आग लगने से जला मवेशियों का बाड़ा।
विस्तारFollow Usसीजीपीएससी 2024 के रिजल्ट आ गए है, इस परीक्षा में सरगुजा जिला के सीतापुर क्षेत्र से दो लोगों ने अपना स्थान बनाया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग में चंचल पैकरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा मंयक मंडावी ने एस टी कैटेगरी में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
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सारBalaghat News: बालाघाट के बाघ नाखून तस्करी कांड में तीसरा आरोपी सतीश भलावी गिरफ्तार हुआ है। उसकी निशानदेही पर जंगल के नाले से हड्डियां मिलीं, जिससे एक और बाघ की मौत की आशंका गहराई है। वन विभाग ने हड्डियों को जांच के लिए भेजा है।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:58 PM IST
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लाइक गेट बलिया l जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को शिष्टाचार भेंट की। कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति पर चर्चा की। विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रगति, वित्तीय सहायता, कर्मचारियों की नियुक्ति आदि विषयों पर कुलपति ने मुख्यमंत्री से सार्थक चर्चा हुई। कुलपति ने विश्वविद्यालय की कठिनाइयों से भी अवगत कराया। विश्वविद्यालय के भवनों के प्रथम चरण का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। कुलपति ने मुख्यमंत्री से इन भवनों के लोकार्पण के लिए समय देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए शासन स्तर से सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कहा कि बलिया जनपद उत्तर प्रदेश के पूर्वी सीमान्त पर स्थित है, जिसके विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। सरकार निश्चित रूप से इसके विकास में हर संभव योगदान देने को तत्पर है।
विस्तारFollow Usजिला चिकित्सालय अनूपपुर में एक तरफ चोरियां हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की तस्वरों की गुणवत्ता बहुत खराब है। इसकी वजह से चोरी करने वालों की पहचान नहीं हो पा रही है। कैमरे की फुटेज काफी धुंधली और अस्पष्ट होने के कारण पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा पा रही है।
डिस्काउंट स्टूडेंट, अमेठी सिटी। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर परिश्रम, अनुशासन और नवाचार से पहचान बनाना आसान नहीं होता। इस कठिन राह पर चलते हुए अर्चना मौर्या ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया और सफलता का मुकाम हासिल किया। वर्ष 2009 में सीतापुर में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के साथ उनका शैक्षिक सफर शुरू हुआ। वर्ष 2012 में जनपद अमेठी में स्थानांतरण के बाद उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।







