कूपन
रिसीव लाइक
बोनस, Inc
गेट डिस्काउंट
💢कैश💢
️वीआईपी विन,सारबेमेतरा में पुलिस की सतर्कता से गुम हुए मोबाइल धारकों को बड़ी राहत मिली है। 120 मोबाइल फोन बरामद किया गया। एसपी ऑफिस में एक कार्यक्रम आयोजित कर मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया गया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Thu, 08 Jan 2026 04:13 PM IST
मेगा कमाई, मकर संक्रांति पर संगम तट पर 15 जनवरी को आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। मेला प्रशासन ने इस मौके पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान के अनुमान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु जिस तरफ से आएंगे, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। 2024 में मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार भीड़ को देखते हुए स्नान घाटों की लंबाई बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी गई है। पिछली बार यह लंबाई केवल दो किमी ही थी। मेला क्षेत्र में 106.24 किमी लंबाई में चकर्ड प्लेट से सड़कें तैयार की गई हैं। तीर्थ पुरोहितों, आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा, खाक चौक सहित प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर सज चुके हैं।
नरहीं। भरौली गोलंबर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती पार्क और प्रतिमा को अन्यत्र हटाने की जानकारी होने पर विरोध शुरू हो गया है। रविवार को स्वामी सहजानंद सरस्वती पार्क में बलिया, गाजीपुर, बक्सर जिलों के लोग पहुंचे।
सरगुजा जिले की महिला शिक्षिका विभा चौबे ने अपने ज्ञान, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। वे देश के लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट तक पहुँचने वाली सरगुजा जिले की पहली महिला तथा छत्तीसगढ़ की पहली महिला शिक्षिका बन गई हैं। शो के जारी प्रोमो के अनुसार वे 31 दिसंबर और 1 जनवरी को महानायक अमिताभ बच्चन के सामने बैठकर खेलती नजर आएंगी।
अमेठी सिटी। गेहूं फसल की सिंचाई के समय नहरों में पानी नहीं पहुंचने से किसानों में नाराजगी है। सोमवार को महिला किसानों ने सिंचाई विभाग के कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की गई।
कमेंट स्टूडेंट,
प्लेटिनम कैश
रिसीव, मुंबई, जिसे देश की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं, 106 वीरों के बलिदान से यह शहर अस्तित्व में आया। ये मराठी लोग संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में शहीद हुए थे। आज इसी मुंबई के बीएमसी चुनाव में मराठी अस्मिता एक बड़ा मुद्दा बन गया है।







