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💢छोटा ऐप💢पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिख रहा है। मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड की धार और तेज कर दी है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां दिन की धूप भी राहत नहीं दे पा रही और रातें कंपकंपाने को मजबूर कर रही हैं। सोमवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं का मेल लोगों के लिए दोहरी मार बन गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक इसी तरह की सख्त ठंड बनी रहेगी, जबकि भोपाल और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में स्थित होने के कारण ग्वालियर-चंबल में ठंड का असर ज्यादा तीखा है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया में दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.5, दतिया में 20.1 और श्योपुर में 21.4 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन रात की ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
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सारकलमेश्वरा गांव में तीन साल के मासूम कबीर यादव की मौत ने सभी को झकझोर दिया। पिता कैलाश यादव ने बेटे का इलाज कराने के लिए जमीन तक गिरवी रख दी, चार अस्पतालों के चक्कर लगाए और लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन बच्चे की जान नहीं बच सकी।
अर्न, संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:43 PM IST
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता राजकुमार हड़ौदी।- फोटो : 1
सारप्रदेश में बारिश न होने से कई जिलों में सूखे जैसे हालात पैदा होने लगे हैं। इससे गेहूं सहित कई अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, गेहूं की फसल को 15 से 25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Wed, 07 Jan 2026 07:38 AM IST
वीआईपी ट्रांसफर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Thu, 06 Nov 2025 10:05 AM IST
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मेगा पॉइंट्स, मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आमला विकासखंड से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने तीन साल के मासूम बेटे की जान बचाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। इलाज के लिए अपनी जमीन गिरवी रखी, चार अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन आखिर में किस्मत ने साथ नहीं दिया।







