बोनस डाउनलोड
पॉइंट्स इंस्टेंट
बड़ा ऑनलाइन, Inc
प्रीमियम कमाई
💢मासिक लाइक💢विस्तारFollow Usआजमगढ़ जिले के एक स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को मजहबी सवाल-जवाब सिखाते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में स्कूल ड्रेस पहने पांच से छह साल के बच्चे खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि शिक्षिका का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन उनकी आवाज स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई है।
️बोनस,दरियाबाद। स्थानीय ब्लॉक के रसूलपुर कला गांव की रिशा तुफैल दहेज के विरुद्ध मुहिम के साथ ही महिलाओं को हुनरमंद भी बना रही हैं। रिशा ने ‘दहेज पर प्रहार सोशल ट्रस्ट’ की सक्रिय सदस्य हैं। इस ट्रस्ट के जरिये रिशा दहेज रहित विवाह करने के लिए समाज के लोगों को जागरूक करती हैं। साथ ही महिलाओं को हुनरमंद बनाकर अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित करती हैं। ताकि जब महिला स्वयं कमाने लायक होगी तो दहेज उसके विवाह में आड़े नहीं आएगा।
बारां जिला कलेक्टर के आधिकारिक ईमेल आईडी पर कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एहतियातन पूरे जिला कलेक्ट्रेट परिसर को तुरंत खाली करवा दिया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
विन पैसे, अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:अनुज कुमारUpdated Sat, 03 Jan 2026 10:55 PM IST
अंबेडकरनगर। जिले में नो हेलमेट-नो फ्यूल (हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं) अभियान पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी के कारण विफल साबित हो रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चालकों को धड़ल्ले से ईंधन दिया जा रहा है।
गेट, T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar News
साइन अप विन जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
पॉइंट्स कैश, अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:35 PM IST







