दैनिक कम्पलीट
पॉइंट्स डिस्काउंट
मासिक कैश, Inc
गोल्ड विन
💢मोबाइल इनाम💢सारअंबेडकरनगर में एक युवक का शव तालाब किनारे लगे पेड़ की डाल से फंदे से लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।आगे पढ़ें पूरा अपडेट...
️अर्न फ्रेंड्स,अल्मोड़ा। साप्ताहिक बंदी के बाद खुले अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी। ओपीडी में उपचार के लिए सोमवार को 901 मरीज पहुंचे। दवा वितरण कक्ष, पर्ची काउंटर से लेकर चिकित्सक कक्ष तक मरीजों की भीड़ रही। मरीजों को कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन में नामित विवादित फर्म ने प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी व परियोजना निदेशक (पीडी) ऐश्वर्य यादव पर कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में गठित जांच टीम सोमवार को परियोजना निदेशक का बयान दर्ज कर सकती है। हालांकि फर्म संचालक मंडल स्तर से जांच कराए जाने की कवायद में जुटे हैं।
प्लेटिनम रजिस्टर,
विस्तारFollow Usबारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।
सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछाल
अतिरिक्त साइन अप, अमर उजाला नेटवर्क, अम्बिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Wed, 24 Dec 2025 08:27 PM IST
इंस्टेंट रजिस्टर सारबालाघाट जिले में पहली बार महिला नक्सली सुनीता (23) ने हथियार डाल दिए। वह माओवादी नेता रामदेर की हथियारबंद गार्ड थी और 2022 में संगठन से जुड़ी थी। सुनीता ने हॉकफोर्स कैंप चौरिया में इंसास राइफल और वर्दी के साथ आत्मसमर्पण किया। कई अन्य नक्सली भी आत्मसमर्पण की तैयारी में हैं।
राजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।
सुपर वॉच,







