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💢सुपर कमेंट💢मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन पर की जल्द कार्रवाई की मांग
️स्टूडेंट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Wed, 17 Dec 2025 08:41 AM IST
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करते मोहित यादव।
गेट, सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग की एक महत्वपूर्ण सम्भागीय बैठक आगामी 11 जनवरी 2026 (रविवार) को कोया कुटमा भवन, परपा, जगदलपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे से किया जाएगा, जिसमें बस्तर संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारी एवं विभिन्न आदिवासी समाजों के अध्यक्ष शामिल होंगे।
बुलंदशहर। भीम वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मेरठ से जाने से रोकने पर रोष जताया है। भीम वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट मदनपाल गौतम ने बताया कि वह कार्यकर्ताओं के साथ मेरठ के गांव युवती का अपहरण करने और उसकी मां की मौत पर परिजनों से मुलाकात करने जा रहे थे। इसका पता लगते ही पुलिस ने नगर के भूड़ रोड पर ही रोक लिया और उन्हें घर लेकर जाकर नजरबंद कर दिया। इससे कार्यकर्ताओं में रोष है।
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ईज़ी अर्न, बदायूं जिले के कुंवरगांव थाना प्रभारी राजेश कौशिक रस्सी का सांप बनाने में बुरी तरह फंस गए हैं। उन्होंने एक शख्स को पशु तस्कर साबित करने के लिए उससे फर्जी मुठभेड़ तक दिखा दी, जबकि वारदात के वक्त वह 62 किसी दूर बरेली में था। परिवार ने लोकेशन व फुटेज जैसे सबूत डीआईजी के सामने पेश किया है। गर्दन फंसती देख एसओ ने बदायूं एसओजी से निजी तौर पर मदद मांगी। इससे उन पर फंदा और कस गया है।
कलेक्ट वेरिफाई
विस्तारFollow Usइंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
विज़िट लाइक, विस्तारFollow Usएनटीपीसी कहलगांव स्थित अंग भवन में शनिवार को समर्थ मिशन के सहयोग से बायोमास को-फायरिंग विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मिशन के तहत देश के तमाम तापीय विद्युत संयंत्रों में बायोमास के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यशाला में समर्थ मिशन के निदेशक रवि प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि बायोमास को-फायरिंग नीति के तहत देश के ऊर्जा संयंत्रों में कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली उत्पादन संभव है। इस मिशन के अंतर्गत देश के सभी विद्युत परियोजनाओं में इसका प्रयोग किया जा रहा है।







