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️स्टूडेंट विन,अमेठी सिटी। गेहूं फसल की सिंचाई के समय नहरों में पानी नहीं पहुंचने से किसानों में नाराजगी है। सोमवार को महिला किसानों ने सिंचाई विभाग के कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की गई।
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विस्तारFollow Usअजमेर शरीफ दरगाह परिसर में फूल और चादर की एक दुकान को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद मंगलवार रात अचानक हिंसक संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुए टकराव में एक खादिम पर धारदार हथियारों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिससे दरगाह क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया।
छोटा लॉग इन, सारबागेश्वर जिले के मनकोट गांव से लापता महिला का शव घर से करीब दो किमी दूर जंगल की खाई से बरामद हुआ है। ग्रामीण तेंदुए के हमले की आशंका जता रहे हैं, जबकि वन विभाग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।
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बलिया। सड़क सुरक्षा माह (1-31 जनवरी तक) के तहत जिला परिवहन कार्यालय की ओर से टाउन डिग्री कॉलेज में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 156 चालक, परिचालक सहित आम लोगों ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कराई। चालकों का ब्लड प्रेशर और आंखों की जांच की गई। इनमें से 36 चालकों में दृष्टि दोष मिला। इनमें से 20 को चश्मा लगेगा। साथ ही 16 के चश्मे का नंबर बढ़ेगा।
पॉइंट्स ईज़ी, विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।







