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💢लॉग इन डिपॉजिट💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 17 Nov 2025 07:24 PM IST
️अर्न,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाPublished by:मगध ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:48 AM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
टास्क, पिता ने दी गांव के ही 5 लोगों के खिलाफ तहरीर, प्राथमिकी दर्ज
विस्तारFollow Usनीतीश सरकार बिहार में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉरलेंस की नीति अपनाने का दावा करती है। भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई भी होती है। अब घूससोर अफसरों और कर्मियों पर नकेल कसने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने खुद को स्मार्ट बनाने का फैसला लिया है। निगरानी की टीम अब अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल पर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी सेंटर बनाया जाएगा। निगरानी की टीम ने इस सेंटर के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।
खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 16 से 22 दिसम्बर तक,पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी क
विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंबिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित होने वाली चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के 40 दिन बाद बिहार लौटते ही राजद भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पार्टी ने अब शिक्षक अभ्यर्थियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। राजद ने मांग की है कि चौथे चरण में कम से कम एक लाख पदों पर बहाली निकाली जाए।
छोटा मोबाइल, विस्तारFollow Usमिथिला अंचल के लिए एक ऐतिहासिक युग के समापन की खबर सामने आई है। दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के निधन से पूरे मिथिला क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। महारानी पिछले छह महीनों से अस्वस्थ चल रही थीं और उन्होंने दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में अंतिम सांस ली।
वीआईपी वॉच सारसाजा थाना प्रभारी टीआई सत्यप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि प्रकरण में विवेचना के दौरान आरोपी अश्वनी सतनामी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध स्वीकार किया।
ईज़ी गेट, विस्तारFollow Usजाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







