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💢साप्ताहिक सर्वे💢वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:56 AM IST
️लाइक टास्क,सारभिंड के मिहोना बायपास पर अवैध रेत परिवहन रोकने पहुंचे एसडीएम विजय सिंह यादव की गाड़ी को रेत माफिया के ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर चालकों पर केस दर्ज किया।
PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति
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अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:44 AM IST
नया सर्वे, टनकपुर (चंपावत)। खिरद्वारी के वनराजी जनजाति के लोगाें को सड़क से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए खर्राटाक होकर गंगसीर तक सड़क बनेगी। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत विभागीय टीम ने सर्वे कार्य तेज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सात किलोमीटर तक सर्वे पूरा हो गया है। गंगसीर तक सड़क की कुल लंबाई करीब 20 किमी होने की संभावना जताई गई है।
वॉच पॉइंट्स नारायणपुर–कोंडागांव मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व केबिनेट मंत्री मोहन मरकाम ने साय सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी प्रेस नोट में उन्होंने कहा कि बीते करीब पाँच महीनों से इस मार्ग पर बस सेवा पूरी तरह बंद है, जिससे कोंडागांव और नारायणपुर के आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक कार्यों और रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को आवाजाही करनी पड़ती है, लेकिन बस सेवा बंद होने से जिनके पास निजी साधन नहीं हैं, वे सबसे अधिक प्रभावित हैं।
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Mon, 24 Nov 2025 03:04 PM IST
मोबाइल, विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







