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साइन अप, बेमेतरा में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर के बेमेतरा स्थित आवास पर दबिश दी है। प्रेमलता पद्माकर वर्ष 2014 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर हैं। उनके निवास पर एसीबी की टीम जांच कर रही है। जांच अभी जारी है। मिली जानकारी अनुसार यह छापा आरआई भर्ती पदोन्नति घोटाले के संबंध में मारा गया है। पटवारी से आरआई बनाने के लिए हुए विभागीय पदोन्नति परीक्षा में धांधली की गई थी।
भिवानी। युवा उद्यमी मोहित यादव की उद्यमशील यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। उन्होंने एक ऐसा एक्सीडेंट-प्रूफ कार सॉफ्टवेयर विकसित किया जो कार में इंस्टॉल होने के बाद चाहकर भी गाड़ी का एक्सीडेंट होने नहीं देता। उनके नेतृत्व में एमके एप क्रिएटिव प्राइवेट लिमिटेड भारत के सबसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप में से एक बनकर उभरी है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना प्रौद्योगिकी में अत्याधुनिक समाधान प्रदान करता है।
विस्तारFollow Usजाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
रिसीव, विस्तारFollow Usरामलीला मंचन में पूनम पांडे का मंदोदरी पात्र एक बड़े विवाद की वजह बन गया है। दिल्ली की प्रसिद्ध लव-कुश राम लीला में इस बार आयोजकों ने पूनम पांडे के लिए मंदोदरी का किरदार तय किया है। इसको लेकर संत समाज में काफी विरोध हो रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध के बाद अब मध्य प्रदेश के कंप्यूटर बाबा ने इसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने रामलीला अध्यक्ष की सोंच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूनम पांडे को मंदोदरी के बजाय सूर्पनखा का किरदार सौंपा जाना चाहिए।
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भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
वेरिफाई कमेंट, राष्ट्रीय डीएवी कराटे चैंपियनशिप में बिलासपुर के देवांश ने जीता कांस्य पदक। स्रोत: जागरूक पाठक।







