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💢कमेंट💢विस्तारFollow Usबीकानेर के खाजूवाला थाना क्षेत्र में एक होटल संचालक से जबरन एक लाख रुपये वसूलने, सीसीटीवी डीवीआर जब्त करने और झूठा मुकदमा दर्ज करने के आरोप में थानाधिकारी सहित छह पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज हुआ है।
️कूपन,अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:53 PM IST
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते एक माह के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसमें ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस बताकर एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी को निशाना बनाया और लाखों रुपये की ठगी कर ली।
पैसे ऑनलाइन, वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:36 AM IST
इंडोनेशिया के बाली में शुक्रवार रात राजस्थान के कोटा निवासी दंपति पर हमला कर लूट की वारदात हुई। पीड़ित सौरभ रानानी और उनकी पत्नी शिवानी से लुटेरों ने मोबाइल, नकदी और पासपोर्ट छीन लिया। घटना की शिकायत स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई गई, लेकिन पुलिस ने केवल औपचारिकता निभाते हुए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। राहत की बात यह रही कि इस हमले में दोनों को चोट नहीं आई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:आशुतोष प्रताप सिंहUpdated Sat, 06 Dec 2025 10:14 PM IST
विन, चरखी दादरी। दादरी जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने कलियाणा क्रशर जोन में युवक पर फायरिंग करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजेश कुमार उर्फ ढिल्लु गांव खेड़ी बुरा का रहने वाला है। उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।
बड़ा कलेक्ट शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ विवाह का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक के विरुद्ध दुष्कर्म की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।
नगीना। नगीना देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बनी गणेश में स्थित सहकारी समिति के कार्यालय का ताला तोड़कर 1600 रुपये के सिक्के चोरी करने वाले तीनों चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीनों चोर दिन में चूहे मार दवाई बेचते थे और रात में चोरी की घटना को अंजाम दे दिया।
नया ईज़ी, चंडीगढ़। प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित मेडिकल बिलों के निपटारे के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। शिक्षकों व कर्मचारियों की शिकायतों के बाद विभाग ने मेडिकल बिल भुगतान की शक्तियां अधिकारियों में विभाजित कर दी हैं ताकि भुगतान में हो रही देरी खत्म की जा सके।







