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कम्पलीट, विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।

ज्ञानपुर। सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में मशीन खराब होने से 14 किडनी के मरीज दर्द से कराह रहे हैं। यूनिट में एक मशीन 45 दिन से खराब है। जिम्मेदार अनभिज्ञ बने हैं।

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अररियाPublished by:पूर्णिया ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:09 PM IST

डाउनलोड टास्क, विस्तारFollow Usसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।

गोल्ड टास्क

विस्तारFollow Usभीलवाड़ा जिले के इंरास गांव में अंधविश्वास के कारण एक नौ महीने के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मामूली सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन गांव के भोपा (झाड़-फूंक करने वाले) के पास ले गए। भोपा ने इलाज के नाम पर गर्म सरिए से बच्चे के शरीर पर कई जगह दाग लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई और तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद शनिवार रात मासूम ने दम तोड़ दिया।

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